• जम्मूकश्मीर सरकार का यू-टर्न, कहा – एफआईआर में मेजर आदित्य का नाम नहीं

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर के शोपियां में हुई फायरिंग में आरोपी बनाए गए सेना के मेजर आदित्‍य के खिलाफ किसी भी तरह की जांच पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। इससे पहले 21 फरवरी को शीर्ष अदालत ने मेजर आदित्य के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर रोक लगा दी थी। अदालत ने अब मामले की अगली सुनवाई की तारीख 24 अप्रैल तय की है।

इस मामले में सोमवार (5 मार्च) को नया मोड़ तब आया जब जम्मू-कश्मीर सरकार ने यू-टर्न लेते हुए शीर्ष अदालत को बताया कि घटना के बाद दर्ज हुई एफआईआर में मेजर आदित्य या उनकी टीम के किसी शख्स का नाम नहीं है। जम्मू-कश्मीर सरकार ने कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत की है जिसमें मेजर आदित्य का नाम उस एफआईआर में शामिल नहीं है, जिसे पुलिस ने फायरिंग मामले की जांच करने के लिए दर्ज किया था। राज्य सरकार की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में पेश वकील ने बताया कि पुलिस की तहकीकात के बाद ही पता चलेगा कि आरोपी कौन है। फिलहाल जो एफआईआर दर्ज हुई है, उसमें सिर्फ ये लिखा है कि मेजर आदित्य उस टीम का नेतृत्व कर रहे थे, जिसने आत्मरक्षा में गोली चलाई जिससे आम नागरिकों की मौत हुई।

क्या था मामला
बीती 27 जनवरी को सेना के काफिले पर पथराव कर रही भीड़ से खुद को बचाने के लिए सुरक्षा बलों को गोलियां चलानी पड़ी थीं, जिसमें तीन नागरिकों की मौत हो गई थी। इस मामले में अभी तक मेजर आदित्य को आरोपी बताया जा रहा था, लेकिन अब सामने आया है कि एफआईआर में जो आरोपी की जगह है वह खाली है। आदित्य के पिता ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि उनके बेटे को एफआईआर में गलत ढंग से नामजद किया गया है।