• मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने कहा – हिंदू होने पर गर्व की अनुभूति होना कोई बुरी बात नहीं
  • विपक्षी दलों पर साधा निशाना, बोले – बीजेपी पाखंड नहीं कर सकती, जो अंदर है वही बाहर है

लखनऊ। विधानमंडल के पहले पूर्ण बजट सत्र में मंगलवार (6 मार्च) को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विधानसभा में पूरी फॉर्म में दिखे। मुख्‍यमंत्री ने राज्यपाल के अभिभाषण पर अपने संबोधन के दौरान विपक्ष पर जमकर हमला बोला। उन्होंने साफ-साफ लफ्जों में कहा कि देश को तोड़ने वालों को हम तोड़ के रख देंगे। विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के जवाब में योगी ने कहा, ‘मुझसे एक पत्रकार ने पूछा था कि आपने दीपोत्सव अयोध्या में मनाया, होली मथुरा में मनाई … ईद कहां मनाएंगे? मैंने कहा कि मैं ईद नहीं मना पाऊंगा। मैं अपनी संस्कृति और परंपरा के अनुरूप ईद नहीं मनाता, लेकिन शांतिपूर्वक कोई ईद मनाएगा तो सरकार सहयोग करेगी और सुरक्षा देगी।’

बीजेपी पाखंड नहीं कर सकती

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर एक परिवार के विकास और समाज को बांटने का आरोप लगाते हुए कहा कि ये लोग प्रदेश में अपनी ‘तोड़क नीति’ अपने तक ही सीमित रखें। उन्होंने सपा-बसपा सहित विपक्षी दलों पर आक्रामक तेवर अपनाते हुए कहा, ‘अवसरवादी बनकर घर में बैठकर जनेऊ लगाएंगे और बाहर जाएंगे तो टोपी लगाएंगे। ये कौन सा पाखंड है? ये पाखंड बीजेपी नहीं कर सकती। जो अंदर है, वही बाहर है।’ योगी ने कहा, ‘हिंदू होने पर गर्व की अनुभूति होना कोई बुरी बात नहीं है। हमें भारत की परंपरा और विरासत पर गौरव की अनुभूति है। तीर्थाटन के साथ-साथ पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी हमने इसका उपयोग किया है।’

महापुरुषों को नए पाठ्यक्रम में शामिल किया

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार नया पाठयक्रम देने जा रही है। इसमें संत रविदास, वाल्मीकि, अंबेडकर, सुहेलदेव, झलकारी बाई, स्वाधीनता के लिए लड़ने वालों को समाहित किया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘हमने स्कूल-कॉलेजों की छुट्टियां समाप्त कर महापुरुषों को पाठयक्रम का हिस्सा बनाया है ताकि विद्यार्थी उनके व्यक्तित्व और कृतित्व से प्रेरणा पा सकें।’

योगी ने कहा कि तीर्थाटन एवं पर्यटन की ढेरों संभावनाएं उत्तर प्रदेश में हैं। पर्यटन और तीर्थाटन की जितनी संभावना उत्तर प्रदेश में है,  इसमें 10 गुना वृद्धि की जा सकती है। ‘इको टूरिज्म, हैरिटेज टूरिज्म’ में भी उत्तर प्रदेश समृद्ध है। उन्होंने कहा कि सपा-बसपा ने राज्य की संस्थाओं को, चाहे परपंरागत उत्पाद हों, हस्तशिल्प हो या पर्यटन की संभावना हो, उनकी भ्रूणहत्या करने का प्रयास किया है। उन्‍होंने उत्तर प्रदेश को बदनाम किया है लेकिन पिछले 11 महीने में अवधारणा बदली है।