• कई जगह सीपीएम के दफ्तरों में तोड़फोड़, कार्यकर्ताओं के घरों को भी बनाया निशाना

अगरतला। विधानसभा चुनाव में भाजपा को दो तिहाई बहुमत मिलने के बाद त्रिपुरा में जगह-जगह हिंसा की खबरें सामने आ रही हैं। बताया जा रहा है कि बेलोनिया में सोमवार को रूसी क्रांतिकारी व्लादिमीर लेनिन की मूर्ति को गिराने के बाद त्रिपुरा के 13 जिलों में हिंसा फैल गई।

दक्षिणी त्रिपुरा में सोमवार को रूसी क्रांति के नायक रहे व्लादिमीर लेनिन की प्रतिमा जेसीबी से गिरा दी गई। ये मूर्ति पांच साल पहले ही लगाई गई थी। भाजपा कार्यकर्ताओं पर मूर्ति गिराने का आरोप है। इस दौरान उन्होंने भारत माता की जय के नारे भी लगाए। पार्टी के महासचिव राम माधव ने इसका फोटो ट्वीट किया। पुलिस के मुताबिक, जेसीबी के ड्राइवर को अरेस्ट कर लिया गया है। वह नशे में था। इस घटना पर लेफ्ट ने नाराजगी जाहिर की है। यही नहीं, राज्य में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) के कई दफ्तरों में तोड़फोड़ की भी खबरें हैं। सीपीएम ने इसके लिए बीजेपी और उसकी सहयोगी आईपीएफटी कार्यकर्ताओं पर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सीपीएम के कार्यकर्ताओं के घरों को भी निशाना बनाया जा रहा है। उधर, बीजेपी का कहना है कि यह सीपीएम के खिलाफ लोगों का गुस्सा है।

राजनाथ सिंह ने डीजीपी से की बात
छिटपुट हिंसा की खबरों के बीच गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने राज्य के राज्यपाल और डीजीपी से बात की। राजनाथ सिंह ने नई सरकार के कामकाज संभालने तक राज्य में शांति सुनिश्चित करने को कहा। एक अधिकारी ने बताया कि टेलीफोन पर हुई बातचीत में राज्यपाल तथागत राय और डीजीपी एके शुक्ला ने त्रिपुरा की स्थिति और यहां विधानसभा चुनाव में बीजेपी-आईपीएफटी गठबंधन की जीत के बाद भड़की हिंसा पर नियंत्रण के लिए उठाए गए कदमों से केन्द्रीय गृहमंत्री को अवगत कराया।   (एजेंसी)