• दो माह पहले पत्‍नी की हुई थी मौत, दो मासूम बेटियों और पिता की जिम्मेदारी से अवसाद में था

गोरखपुर। दो माह पहले जिस पिता को बेटियों ने बेगुनाह साबित किया था, उसी पिता ने अपनी दोनों मासूम बेटियों को मारकर खुद भी मौत को गले लगा लिया। इस हृदयविदारक घटना से आसपास के लोग भी सन्न हैं। बताया जा रहा है कि दो माह पूर्व पत्‍नी की मौत के बाद से दो बेटियों की जिम्मेदारी से तनाव में आकर युवक ने यह कदम उठाया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज  दिया है।

गोरखनाथ क्षेत्र के पचपेड़वा पार्वतीपुरम कॉलोनी में एक टिनशेड वाले घर को किराए पर लेकर रहने वाले 30 साल के ऋतुराज शर्मा मूलतः गोला के गोपालपुर गांव के रहने वाले थे। शहर की एक अल्यूमिनियम फैक्ट्री में वह चौकीदारी का काम करते थे। परिवार भी साथ  ही रहता था। बुजुर्ग पिता, पत्‍नी और दो मासूम बेटियां साथ रहती थीं।  करीब दो माह पूर्व इस कुनबे पर विपत्ति का पहाड़ टूट पड़ा। ऋतुराज की पत्नी सपना ने खुदकुशी कर ली थी। मौत के बाद यह आरोप लगा कि उसी ने पत्‍नी को मारा है लेकिन दोनों बेटियों ने पिता के पक्ष में बयान देकर उसकी बेगुनाही साबित कर दी।

बरी होने के बाद भी ऋतुराज परेशान रहता था। पत्‍नी के चले जाने के बाद घर की सारी जिम्मेदारी उसके ऊपर आ पड़ी थी। 2.5 साल की निरुपमा और 4 साल की नैना के लालन-पालन के साथ ही बुजुर्ग पिता की जिम्मेदारी भी उसके सिर पर थी। पड़ोसियों के मुताबिक, इन जिम्मेदारियों और पत्‍नी की मौत की वजह से वह अवसाद में था। पड़ोसियों के मुताबिक, मंगलवार की देर शाम तक जब कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो ऋतुराज के पिता ने आवाज लगाई। जब कोई आवाज नहीं आई तो उन्होंने धक्का देकर कमरा खोला। अंदर का नजारा देख अवाक रह गए।

उन्‍होंने शोर मचाया तो आसपास के लोग पहुंचे। तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पुलिस के आला अधिकारी पहुंचे। शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम को भेज दिया। पुलिस के मुताबिक, फौरी तौर पर यह आत्महत्या का मामला लग रहा। जो साक्ष्य मिले हैं, उसके अनुसार ऋतुराज ने पहले बच्चियों को फांसी पर लटकाकर मारा, फिर खुद फंदे से झूल गए।