• सीबीआई ने पटियाला हाउस कोर्ट से रिमांड 9 दिन और बढ़ाने का किया था आग्रह
  • सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं, कार्ति के समन रद्द करने की अपील को कोर्ट ने ठुकराया

नई दिल्‍ली। आईएनएक्‍स मीडिया मामले में मंगलवार (6 मार्च) को पटियाला हाउस कोर्ट में पूर्व वित्तमंत्री पी. चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम की पेशी हुई। सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से तुषार मेहता ने कोर्ट से कार्ति की रिमांड 9 दिन बढ़ाने की मांग की, लेकिन कोर्ट ने कार्ति की सीबीआई रिमांड 3 दिन और बढ़ाने का आदेश दिया। कोर्ट ने कार्ति को राहत न देते हुए उन्हें 9 मार्च तक सीबीआई की कस्टडी में भेज दिया है। तुषार मेहता ने मांग की थी कि अभी इस मामले में और पूछताछ होनी है, इसलिए हिरासत बढ़ाई जाए।

तुषार मेहता ने इस दौरान सीबीआई स्पेशल कोर्ट को एक सीलबंद लिफाफा भी सौंपा। उनका कहना था कि वह जानकारी को सार्वजनिक नहीं कर सकते हैं इसलिए सीलबंद लिफाफे में जानकारी दे रहे हैं। तुषार मेहता ने कोर्ट से कहा कि इंद्राणी मुखर्जी का बयान सिर्फ मामले में एक सबूत की तरह है। सीबीआई ने कहा है कि अगर कार्ति को जमानत दी जाती है तो सबूतों से छेड़छाड़ हो सकती है। सीबीआई का दावा है कि उसके पास ताज़ा सबूत है जिसके आधार पर कार्ति से जुड़ी कई और कंपनियों के बारे में जानकारी मिली है।

जांच में सहयोग नहीं कर रहे कार्ति

सीबीआई सूत्रों का कहना है कि पूछताछ के दौरान कार्ति चिदंबरम बिल्कुल भी बात नहीं कर रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि वह जांच में किसी तरह से सहयोग नहीं दे रहे हैं। सीबीआई ने उन्हें गिरफ्तार करने से पहले भी यही आरोप लगाए थे। सीबीआई के वकील ने कहा कि जब कार्ति चिदंबरम से उनके फोन का पासवर्ड मांगा गया तो उन्होंने कहा कि उनका फोन सिर्फ दो साल पुराना है और यह केस 10 साल पुराना है फिर क्यों वह अपना पासवर्ड दें?

कार्ति आतंकवादी नहीं : सिंघवी

कोर्ट में सुनवाई के दौरान कार्ति के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, ‘कार्ति आतंकवादी नहीं हैं कि उन्‍हें कस्टडी में लिए बिना पूछताछ नहीं की जा सकती। मेरा क्लाइंट चुप है, इसका मतलब यह नहीं कि वह दोषी है या जांच में सहयोग नहीं कर रहा।’ सुनवाई के दौरान पी. चिदंबरम और उनकी पत्नी नलिनी चिदंबरम भी कोर्ट रूम में मौजूद रहे। अदालत ने कार्ति को माता-पिता से मिलने के लिए 10 मिनट का समय दिया।

प्रवर्तन निदेशालय की भी नज़र

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस मामले में कार्ति के रॉयल बैंक ऑफ स्कॉटलैंड में लेन-देन पर रोक लगा दी है। ईडी के मुताबिक, कार्ति के चेन्नई बैंक अकाउंट से कुछ नेताओं को करोड़ों रुपए का लेनदेन किया गया है। ये पैसा 2006 से 2009 के बीच ट्रांसफर किया गया है। ईडी कार्ति से इस मुद्दे पर पूछताछ कर सकती है। कार्ति पर आरोप है कि उन्होंने अकाउंट नंबर 397990 से लेनदेन किया है।

सुप्रीम कोर्ट से भी कार्ति को नहीं मिली राहत

आईएनएक्‍स मीडिया मामले में पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम को सुप्रीम कोर्ट से भी कोई राहत नहीं मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने कार्ति के समन को रद्द करने की अपील को ठुकरा दिया है। इसका मतलब ईडी की तरफ से जारी पूछताछ और कार्रवाई पर कोई असर नहीं पड़ेगा। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई और ईडी को नोटिस जारी कर दो दिनों में जवाब देने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 8 मार्च को होगी, जिसमें अंतरिम राहत पर विचार हो सकता है। कोर्ट ने कहा है कि इस नोटिस का असर मामले में चल रही किसी भी जांच पर नहीं पड़ेगा। बता दें कि सोमवार को कार्ति की ओर से सुप्रीम कोर्ट में पिटीशन दायर की गई थी। इसमें कहा गया था कि एफआईआर में जिन मामलों का जिक्र है, उसके अलावा भी अन्य मामलों की जांच की जा रही है। ईडी को ऐसे मामलों की जांच का अधिकार नहीं है।   (एजेंसी)